आरती माँ दुर्गा, माता आरती
जय माँ दुर्गे, जय
अम्बे भवानी
तेरी ज्योति जगे है नूरानी
तेरे चरणों में शीश झुकाए
आई भक्तों की टोली महारानी
(जय माँ दुर्गे, जय
अम्बे भवानी
तेरी ज्योति जगे है नूरानी
तेरे चरणों में शीश झुकाए
आई भक्तों की टोली महारानी)
नवरात्रि के पावन दिन हैं आए
भक्तों ने दरबार हैं सजाए
मंदिरों में हो रहे जगराते
सारे भेटें और भक्ति गीत गाते
(जय माँ दुर्गे, जय
अम्बे भवानी
तेरी ज्योति जगे है नूरानी
तेरे चरणों में शीश झुकाए
आई भक्तों की टोली महारानी)
शेर की तू करे है सवारी
तेरी मूरत लगे है प्यारी
भक्तों के हित दुष्टों को संहारा
जग बोले तेरा जयकारा
(जय माँ दुर्गे, जय
अम्बे भवानी
तेरी ज्योति जगे है नूरानी
तेरे चरणों में शीश झुकाए
आई भक्तों की टोली महारानी)
देवता भी तेरा गुण गाते
हाथ जोड़े तुझे हैं मनाते
करते आरती और करते वंदन
पायें सुख जैसे शीतल हो चन्दन
(जय माँ दुर्गे, जय
अम्बे भवानी
तेरी ज्योति जगे है नूरानी
तेरे चरणों में शीश झुकाए
आई भक्तों की टोली महारानी)
